यतो धर्मस्ततो जयः | Ram Navami's image
Kavishala SocialArticle3 min read

यतो धर्मस्ततो जयः | Ram Navami

Kavishala SanskritKavishala Sanskrit March 30, 2023
Share0 Bookmarks 291 Reads0 Likes

रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्‌।

नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति॥

राम, रामभद्र, या रामचन्द्र,

ऐसा स्मरण करते हुए मनुष्य पाप में लिप्त नहीं होता है और समृद्धि तथा मुक्ति प्राप्त करता है।

English translation

A person reminding oneself of Rāma, Rāmabhadra, or Rāmacandra,

is not affected by vice and finds prosperity and salvation.


विजेतव्या लङ्का चरणतरणीयो जलनिधिः

विपक्षः पौलस्त्यो रणभुवि सहायाश्च कपयः।

तथाप्येको रामः सकलमवधीद्राक्षसकुलं

क्रियासिद्धिः सत्त्वे भवति महतां नोपकरणे॥

लंका पर विजय पाने के लिए श्री राम को समुद्र पार करना पड़ा। रावण शक्तिशाली था और श्री राम की सेना वानरों की थी (सभी बाधाएँ श्री राम के विरुद्ध थीं)। आपदाओं के विरुद्ध श्री राम ने सभी राक्षसों का संहार किया। व्यक्ति की सफलता अपने क्षमताओं पर निर्भर करती है।

English translation

For winning over Laṅkā, Shree Ram had to walk across the sea. Ravana was powerful; and Shree Ram's army was of Vanaras (all odds were against Shree Ram). Inspite of that, Ram killed all the demons. Success of a person depends solely on their own capacities.


लक्ष्मीश्चन्द्रादपेयाद्वा हिमवान्वा हिमं त्यजेत्।

अतीयात्सागरो वेलां न प्रतिज्ञामहं पितुः॥

चन्द्रमा का सौन्दर्य जा सकता है, हिमालय बर्फ़ त्याग सकता है,

और सागर अपनी सीमा लांघ सकता है, पर मैं पिता से की गयी प्रतिज्ञा कदापि नहीं तोड़ सकता।

English translation

The Moon might lose its splendour, snow might abandon the Himavat mountain,

the ocean might overstep its shores, but I (Shri Ram) shall not forsake the promise made to my father.


आनृशंस्यमनुक्रोशः श्रुतं शीलं दमः शमः।

राघवं शोभयन्त्येते षड्गुणाः पुरुषोत्तमम्॥

अहिंसा, दया, वेदशास्त्रों का ज्ञान, सुशीलता,

आत्मसंयम और शान्त चित्त, ये छः गुण राघव (मर्यादा पुरुषोत्तम) को शोभा देते हैं।

English translation

Non violence, compassion, learning, truthful nature, self-control

and tranquil – these six virtues adorn Rama, the best of men.


विक्लबो वीर्यहीनो यस्य दैवमनुवर्तते ।

वीरास्सम्भावितात्मानो न दैवं पर्युपासते ॥

जो कायर हैं वे केवल भाग्य पर निर्भर रहते हैं।

स्वाभिमानी तथा शूरवीर भाग्य की परवाह नहीं करते।

English translation

Those who are timid and cowardly depend alone on destiny.

The valiant ones with self-respect do not care for it.


अनिर्वेदम् च दाक्ष्यम् च मनसः च अपराजयम्।

कार्य सिद्धि कराणि आहुः तस्मात् एतत् ब्रवीमि अहम्॥

मन की प्रफुल्लता, उत्साह और धैर्य कार्य की सिद्धि के साधन कहें जाते है। इसीसे मैं तुम से यह केहता हूँ ।

English translation

Insistency, ingenuity, and indomitability of heart are required for achieving results. Therefore I say so!


यतो धर्मस्ततो जयः।

जहाँ धर्म (अपने कर्तव्यों का पालन) है, वहाँ विजय है ।

English translation

Where there is Dharma (performance of one's duties), there is victory.




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts