कृष्ण! शीघ्रमेहि!'s image
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दिने दिने नवं नवं नमामि नन्दसंभवम्। 

English translation: Every day in new ways, I worship Nandkumar.

प्रतिदिन नये रूप में, नंदकुमार को मेरा प्रणाम।

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ईश्वरः परमः कृष्णः सच्चिदानन्दविग्रहः।

अनादिरादिर्गोविन्दः सर्वेकारणकारणम् ॥ 

English translation: Lord Krishna who is known as Govinda is the Supreme Godhead. He has an eternal, blissful, spiritual body. He is the origin of all. He has no other origin and He is the prime cause of all causes.

भगवान् तो कृष्ण हैं, जो सच्चिदानन्द स्वरुप हैं। उनका कोई आदि नहीं है, क्योंकि वे प्रत्येक वस्तु के आदि हैं। भगवान गोविंद समस्त कारणों के कारण हैं।

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मन्दं हसन्तं प्रभया लसन्तं जनस्य चित्तं सततं हरन्तम्।

वेणुं नितान्तं मधु वादयन्तं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥ 

English translation: Whose laughters is subtle, who glows with luster, who always attract people’s mind and the one who plays the melodious flute, I bow down to Lord Krishna.

मृदु हास्य करनेवाले; तेज से चमकनेवाले, हमेशा लोगों का चित्त आकर्षित करनेवाले;

अत्यंत मधुर बासुरी बजानेवाले बालकृष्ण का मै मन से स्मरण करता हुँ।

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वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्।

देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥ 

English translation: I offer my obeisance’s to Lord Krishna, the beloved son of Vasudeva, who killed the great demons Kamsa and Canura, who is the source of great joy to Mother Devaki; and who is indeed a world teacher and spiritual master of the universe.

मैं वसुदेव पुत्र, देवकी के परमानन्द, कंस और चाणूर जैसे दैत्यों का वध करने वाले,

समस्त संसार के गुरू भगवान कृष्ण को वन्दन करता हूँ।



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