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दुनिया तुम्हारे खिलाफ़ नहीं है वो तुम्हें फेलियर से बचाना चाहती है! -जाकिर खान

Kavishala LabsKavishala Labs September 4, 2021
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दुनिया तुम्हारे खिलाफ़ नहीं है

वो तुम्हें फेलियर से बचाना चाहती है!

-जाकिर खान


स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान ,जिन्हें आज किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है, देशी स्टाइल से अपनी कॉमेडी को लोगों के बीच अलग अंदाज में प्रस्तुत करके आज वो लाखों लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं।युवा के बीच बहुत प्रिये जाकिर खान भारत समेत दुबई,सिंगापूर जैसे कई देशों में अपना शो कर चुके हैं।बता दें ज़ाकिर खान एक लोकप्रिये कॉमेडियन होने के साथ-साथ एक लेखक ,कवी, यूट्यूबर और म्यूजिशियन भी हैं। बहुत कम लोग इस तथ्य को जानते हैं कि जाकिर के पास सितार वादन में डिप्लोमा है। उन्हें गाने बजाना और कंपोज करना बहुत पसंद है।उनके पसंदीदा कवि मिर्जा गालिब और जॉन एलिया हैं।

'सख्त लोंडा' जैसी पंच लाइनो का प्रयोग वो अक्सर अपनी कॉमेडी में करते हैं। उनके कॉमेडी की खासियत है की जो उन्हें एक बार सुन लें वो उनका और उनके प्रस्तुति का दीवाना हो जाता है ,कॉमेडी के साथ -साथ सोशल मैसेज भी छुपा होता है , उनकी कॉमेडी असल जिन्दगी की कई कहानियों से प्रेरित होती है ,जैसे एक छोटे से शहर से आया कोई लड़का कितने संघर्षो का सामना करता है या जब आम आदमी पहली बार प्लेन का सफर करता है तब उसका क्या अनुभव होता है । किसी भी तरीके के अपशब्द का प्रयोग किए बीना वह अपनी कॉमेडि को प्रस्तुत करते हैं यही कारण है की आज वह लोगो के बीच इतने नामी कलाकार हैं।


मेरी ज़मीन तुमसे गहरी है

याद रखना मेरा आसमान भी तुमसे ऊंचा होगा.

-जाकिर खान


जाकिर खान की जंदगी संघर्षो से रूबरू रही। 34 वर्षीय जाकिर खान का जन्म 20 अगस्त 1987 की इंदौर में एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था ,बता दे संगीत से उनका 300 साल पुराना पारिवारिक रिश्ता है ,उनके दादा उस्ताद मोईनुद्दीन खान ने तानसेन के परपोते से संगीत की शिक्षा ग्रहण की थी। यही कारण रहा की बचपन से ही जाकिर खान का झुकाव संगीत की तरफ ज़्यादा रहा।वह बताते हैं कि उन्हें उनके सारे जोक स्कूल टाइम से ही आते है
अपनी शिक्षा के दौरान उनकी रूचि कॉमेडी करने में बढ़ने लगी ,जिसके बाद उन्होंने एक रेडिओ प्रोडूसर बनने का सपना पाला और अपने इस सपने को पूरा करने की लिए अपनी कॉलेज की पढाई की आधी छोर कर वे दिल्ली आ गए। 
दिल्ली में ARSL दिल्ली से उन्होंने एक साल का रेडियो प्रोग्रामिंग का कोर्स पूरा किया ,जिसके बाद 2009 में इंटर्नशिप के लिए वे जयपुर चले गए जहाँ काफी समय बिताने के बाद भी जब उन्हें रेडिओ में काम नहीं मिला तो वे दुबारा दिल्ली आ गए ,उस वक़्त उनके पास रूम रेंट के लिए भी पैसे नहीं थे।बताते हैं की इन सभी चीज़ो के बिच उन्होंने कैफ़े में परफॉर्म करना शुरू किया जहाँ लोगो ने उनके जोक्स और कॉमेडी को बहुत पसंद किया।उनके रूममेट विश्वास ने उन्हें दिल्ली में ओपन माइक परफॉर्म करने के लिए प्रोत्साहित किया।


"बस का इंतज़ार करते हुए मेट्रो में खड़े-खड़े

रिक्शा में बैठे हुए गहरे शून्य में क्या देखते रहते हो गुम सा बेहरा लिए क्या सोचते रहते हो

क्या खोया क्या पाया का हिंसाब नहीं लगा पाए ना इस बार भो?

घर नहीं जा पाए ना इस बार भी?"

-जाकिर खान



जाकिर को लिखने का भी शौक है। जाकिर ने कई बेहतरीन शायरी और कवितायेँ लिखी हैं। कॉमेडियन बनने से पहले, पैसे कमाने के लिए जाकिर खान ने 4 साल तक Fever 104 FM के लिए कॉपीराइटर, रिसर्चर का काम भी किया है। इन सब के दौरान उन्होंने AIB के नए शो ऑन एयर विथ ABI (On Air With AIB ) के बारे में पता चला जहा उन्हें एक राइटर की जरुरत थी वहां ज़ाकिर खान ने न सिर्फ राइटर का काम किया बल्कि एक कॉ-होस्ट के रूप में भी काम किया और लोगो द्वारा बेहद पसंद किये गए।इसके बाद 2012 में आये इंडिया बेस्ट स्टैंड-अप कॉमेडियन कम्पटीशन में भाग लिया और शो को जीत लिया ,जिसके बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में लोगो के बीच वे जाने जाने लगे।अक्षय कुमार और मल्लिका दुआ जज किया गया "थे ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज शो" में ज़ाकिर खान ने भाग लिया जहाँ उनकी कॉमेडी को बहुत सराहा गया। ज़ाकिर ने अपने कॉमेडी से न सिर्फ भारत में बल्कि कई देशों में अपना नाम किया है।

आज के वक्त में वे सोशल मीडिया स्टार हैं उनकी फैन फोल्लोविंग लाखों में हैं।अकेले उनके यूट्यूब चैलन पर ही उनके 6 मिलियन से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं जो वक़्त के साथ बढ़ते जा रहे हैं।उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा sold-out शोज और 200 से भी ज्यादा venues में उन्होनें परफॉर्म किया हैं।अपने शानदार प्रदर्शन के कारण ही ज़ाकिर खान का चयन कैनवास लाफ क्लुबे में भी हुआ है। इसके साथ-साथ उन्हें अमेजॉन ने अपने प्रीमियम शो अमेजॉन प्राइम वीडियो के लिए ऑफर किया।ज़ाकिर के हक़ से सिंगल हैं ,चाचा विधायक हैं हमारे जैसे कॉमेडी शो अमेजॉन प्राइम वीडियो पर बहुत पसंद किए जा रहे हैं और प्लेटफार्म पर हिट हुए हैं। पहले सीज़न की शानदार सफलता के बाद, कॉमेडियन ज़ाकिर खान ने शो के दूसरे सीज़न के साथ वापसी करी जिसका प्रीमियर 26 मार्च 2021 से एक्सक्लूसिवली अमेज़न प्राइम वीडियो पर हुआ पिछले सीज़न के जैसे इस सिज़न को भी उनके फैंस ने काफी सराहा ।


जाकिर खान की लिखी कुछ कविताएँ आपके सामने प्रसतुत हैं :


मैं शून्य पे सवार हूँ!!!


मैं शून्य पे सवार हूँ

बेअदब सा मैं खुमार हूँ

अब मुश्किलों से क्या डरूं

मैं खुद कहर हज़ार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ


उंच-नीच से परे

मजाल आँख में भरे

मैं लड़ रहा हूँ रात से

मशाल हाथ में लिए

न सूर्य मेरे साथ है

तो क्या नयी ये बात है

वो शाम होता ढल गया

वो रात से था डर गया

मैं जुगनुओं का यार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ


भावनाएं मर चुकीं

संवेदनाएं खत्म हैं

अब दर्द से क्या डरूं

ज़िन्दगी ही ज़ख्म है

मैं बीच रह की मात हूँ

बेजान-स्याह रात हूँ

मैं काली का श्रृंगार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ


हूँ राम का सा तेज मैं

लंकापति सा ज्ञान हूँ

किस की करूं आराधना

सब से जो मैं महान हूँ

ब्रह्माण्ड का मैं सार हूँ

मैं जल-प्रवाह निहार हूँ

मैं शून्य पे सवार हूँ

मैं शून्य पे सवार  हूँ

-जाकिर खान


तितली!!!


वो तितली की तरह आई और जिंदगी को बाग कर गयी

मेरे जितने नापाक थे इरादे उन्हें भी पाक कर गयी

तेरी बेवफाई के अंगारों में, लिपट रही ये रूह मेरी

मैं इस तरह आग न होता, जो हो जाती तू मेरी

एक सांस से दहक जाता है शोला दिल का

शायद हवाओ में फैली है खुशबू तेरी

अब वो आग नहीं रही, न शोलो जैसा दहकता हूँ

रंग भी सब के जैसा है, सबसे ही तो महकता हूँ

एक अरसे से हूँ थामे कश्ती को भवर में

तूफ़ान से भी ज्यादा साहिल से डरता हूँ

-जाकिर खान


ज़ाकिर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देते हुये बताते हैं, कि कैसे उनके पिता ने हमेशा उनकी परेशानियों में साथ दिया। जब ज़ाकिर स्ट्रगल कर रहे थे तो न जाने कितने लोगों ने उन्हें सपोर्ट किया ,परन्तु उस समय जिनका सपोर्ट सबसे अधिक था वो थे उनके पिता। आपको बता दें उनकी सफलता को मद्देनजर रखते हुए NDTV प्राइम जैसे बड़े चैनल ने उन्हें द राइजिंग स्टार ऑफ कॉमेडी (The Rising Star of comedy )की उपाधि दी है।



तुम भी कमाल करते हो,

उम्मीदें इंसान से लगा कर

शिकवे भगवान से करते हो

-जाकिर खान




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