'रामराज्य' के लिए आशुतोष राणा को मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी अवॉर्ड's image
Book ReviewPoetry3 min read

'रामराज्य' के लिए आशुतोष राणा को मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी अवॉर्ड

Kavishala DailyKavishala Daily November 30, 2022
Share0 Bookmarks 199 Reads0 Likes

आशुतोष राणा की किताब रामराज्य: अभिनेता-लेखक आशुतोष राणा को मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी अवॉर्ड, उपन्यास 'रामराज्य' के लिए मिला सम्मान! प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा की यह पुस्तक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन-दर्शन पर आधारित है। उन्होंने अपनी विशिष्ट लेखन शैली में उन प्रसंगों की व्याख्या की है जो आमजन के मस्तिष्क में उमड़ते-घुमड़ते रहे हैं। पुस्तक इतनी रोचक है कि एक बार पढ़ना प्रारंभ कर देने के बाद बीच में रुकना लगभग असंभव है।

रामराज्य अद्भुत, दिव्य अद्वितीय पुस्तक है! राणा जी विलक्षण प्रतिभा का आशीर्वाद लेकर आये हैं। राणाजी के द्वारा लिखित रामराज्य पुस्तक इस तथ्य का सजीव द्योतक हैं सशक्त लेखक के मुख्य उत्तरदायित्व भाषा शैली, विचारों का क्रमिक-प्रवाह, वाक्य न्यास,चरित्रों के साथ न्याय, रोचकता हेतु संदर्भित दृश्यों का सजीव वर्णन तो होते ही हैं, परन्तु रामराज्य की एक अदभुत विशेषता है कि प्रायः साधारण प्रतीत होने वाले विचारों की गहनता व दिव्यता को सशक्त शब्दों के माध्यम से उद्घाटित कर ,एक पूर्ण दर्शन का स्तर दिया गया है। यही लेखक की अद्भुत प्रतिभा है। रानाजी ने रामराज्य के माध्यम से कैकेयी, सुपर्णा, मंदोदरी,रावण,मारीच,हनुमान आदि पात्रों के साथ व्यवहारात्मक न्याय कर उनके त्याग, चातुर्य, विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व का आवश्यक उल्लेख किया है जिसकी भारतीय साहित्य में कमी थी।

इस किताब में रामकथा से जुड़े मिथकों, संकेतों और सवालों को एक नए तरीके से रखा गया है। किताब में बहुत ही रूढ़ विषयों को अलग तरीके से देखने का प्रयास किया गया है। पुस्तक में माता काैशल्या राम के वन चले जाने के बाद अज्ञातवास में चले गए शत्रुघ्न को खोजते हुए कहती हैं-'ये चारों बच्चे अपनी मां की कोख से अधिक महारानी कैकेयी की गोद को मान देते हैं। हम तो मात्र उनको जन्म देने का आधार हैं किंतु कैकेयी उनके जीवन की निर्माता है।' यानी काैशल्या भी मानती हैं कि चारों भाई सबसे ज्यादा कैकेयी को प्रेम करते रहे। माता कैकेयी के चरित्र का जिक्र करते हुए पुस्तक में आशुतोष राणा राम की प्रवृत्ति की छवि के प्रति बहुत दिखाते हैं। आशुतोष के राम कहते हैं-मां हमारे लिए किसी के भी जीवन से महत्वपूर्ण है माता की आज्ञा।


एक ऐसी किताब जिसे आपको अवश्य पढ़ना चाहिए।


आशुतोष राणा को साहित्य अकादमी अवॉर्ड के लिए बधाइयाँ

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts