।। ख्वाब ।।'s image
Poetry1 min read

।। ख्वाब ।।

kavimay12345kavimay12345 June 29, 2022
Share0 Bookmarks 71 Reads0 Likes
मुझे एक ख्वाब ने लूटा
चमकते चाँद ने लूटा

तरसते आँख मे पानी
निगाहें कह रही कहानी
जो मन से रूबरू होते है
उन्हीं के याद ने लूटा

सहारे हम तुम्हारे यूँ बहते है
किनारे हम तुम्हारे यूँ ठहरते है
कि काँधे पर तुम्हारा हाथ हर पल हो
तुम्हारा साथ हर पल हो
कि जो पलकों पे सँवरते हैं
उन्हीं हमयार ने लूटा

जो कुछ भी हम तुमसे है
मुकद्दर की जरूरत है
वफा इस चाह का जो है
यही हमजाँ हकीकत है
कि जिसने वक्त माँगा था
उन्हीं के इंतजार ने लूटा ...।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts