माँ's image
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" बालपन की चंचल बातों का निश्छल हुआ कंठस्थ,
  ममता की जागृत रातों का प्रतिपल हुआ चिरस्थ।
  जब निर्बल गात पसरी थी शिथिल-शैय्या पर,
  तब थर्मामीटर पर ज्वर का विकल हुआ तटस्थ। "

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