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हमें मालूम है

Kartik VermaKartik Verma December 31, 2021
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हमें मालूम है,

तुम्हारी हरकत, तुम्हारी बरकत

क्यों है, क्या है 

हमें मालूम है। 


हमें मालूम है,

समय की नजाकत, इसलिए खामोश हूं

बोल तो मैं भी लेता हूं तुम्हारी तरह,

मगर तुम सा बनना नहीं आता क्योंकि 

हमें मालूम है।


हमें मालूम है,

मोहब्बत दगा देगी,

दुख हर लम्हा देखी

मगर यह दो पल की खुशी ना कोई जहां देखी

हमें मालूम है।


हमें मालूम है,

तुम्हारी चालाकी का जवाब

मगर यह रिश्ते से बढ़कर नहीं

हमें मालूम है।


हमें मालूम है,

दोस्ती जान से बढ़कर है,

आजकल तो इसमें भी गड़बड़ है

मतलब का रिश्ता, मतलब का साथी,

हमें मालूम है ।



हमे मालूम है

जीवन है छोटी पर ख्वाब बड़ी

जो कुछ पुरी होगी, कुछ अधूरी

पर अफसोस हर उस बात का होगा

हमें मालूम है।


हमे मालूम है

पौधे मे फूल और काँटा

सब फुल तोड़ जाते, दर्द होगा,

शायद इसलिए कांटे छोड़ जाते हैं

हमें मालूम है ।


हमे मालूम है,

अकेला आया हुं, अकेला ही जाऊँगा

ऐसा नहीं है की ये ‘ कार्तिक ए मर्ज़ी ’ है

बल्कि सारे मे होता यही है

हमे मालूम है।

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