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ये रात जो गुजारी है....

Kapileshwar singhKapileshwar singh October 29, 2022
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ये रात जो गुजारी है

जुर्म सी और सजा भारी है

जो जा चुकी आंखे बंद कर आ रही है

जिंदगी का जो गुजरा हिस्सा उसको

उस हिस्से में मेरी जिंदगी सारी है।

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