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मेरा झूठ मुझ पर भारी पड़ा है

Kapileshwar singhKapileshwar singh August 13, 2022
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मेरा झूठ मुझ पर भारी पड़ा है

तुम सही तो तुम सही ,हा मुझे सच कहने का डर रहा

पर कभी फुर्सत मिले तो देखना

मेरा सच तुम्हे मुस्कुराते देख झूठ के कमरो के बाहर ही खड़ा है।

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