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इस अकेलेपन के शिकार हम भी है

Kapileshwar singhKapileshwar singh October 8, 2022
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सोचने को कुछ नहीं और ये रात लंबी है

खैर तुम्हारे जैसे इस अकेलेपन के शिकार हम भी है।

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