दोश जवानी का था...'s image
Romantic PoetryPoetry1 min read

दोश जवानी का था...

Kapileshwar singhKapileshwar singh May 22, 2022
Share0 Bookmarks 66 Reads0 Likes

दोश जवानी का था हम तो बिना वजह बदनाम हुए

अरे हम तो नादान थे

पर वो और उनकी अदाएं ही ऐसी थी की पहली नजर में ही कत्लेआम हुए।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts