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शहीद का दर्द !!

kanishkagarg0609kanishkagarg0609 September 25, 2022
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                जब लिया था जन्म उस जवान ने 
                गूंज उठा था सदन उसके आने से ,
                  पर क्या मालूम था किसी को? 
              कि वह प्राण दे देगा अपने देश को ! 

            जब बहन ने बांधी थी राखी अंतिम बार
              जीवन भर रक्षा की उम्मीद के साथ ,
               पर क्या मालूम था उस बहन को? 
           कि अंतिम बार देख रही हैं अपने भाई को ! 

                    जब देखा था ख़्वाब उसने
               जीवन भर देश की रक्षा करने का ,
                     पर क्या मालूम था उसे? 
            कि जीवन रह जाएगा एक क्षण का !

               जब मंदिर में माँ दुआ मांगती थी 
         बस उसकी लंबी उमर और सलामती की ,
               पर क्या मालूम था उस माँ को? 
          कि अगली दुआ नही जाएगी ईश्वर को !

       जब करते थे मेहनत पिता उसके भविष्य के लिए 
         देखते थे ख़्वाब उसको सार्थक बनाने के लिए , 
         पर क्या मालूम हैं किसी को दर्द उस पिता का?
         जिसका वो ख़्वाब रह गया सिर्फ पल भर का ! 

         जब देश के लिए जवान अपना बलिदान दे गए
      देश के दुश्मनों के चलते अपना लहू बहाते चले गए , 
        क्या मालूम किसी को कि वह क्या सीख दे गए? 
    इसी तरह न जाने देश के कितने जवान शहीद हो गए !


                                          - कनिष्का गर्ग (कक्षा-दसवीं)

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