सुर्ख़   सुबह   पे   नज़र   रखता   हूँ -कामिनी मोहन।'s image
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सुर्ख़   सुबह   पे   नज़र   रखता   हूँ -कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan June 19, 2022
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सुर्ख़   सुबह   पे   नज़र   रखता   हूँ,
धधकते  सूरज  पे  नज़र  रखता  हूँ
तपिश  से  कभी  न  जले  पाँव   मेरे
माँ की दुआओं का असर रखता  हूँ।
-© कामिनी मोहन पाण्डेय।

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