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सोख लूँ - कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan May 10, 2022
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सोख लूँ उजालों को 
अंधेरा सोचता बहुत है
आत्मा संग उम्मीद बँधी हैं 
मुरझाए दरख़्तों पर 
फल आने की उम्मीद बहुत है।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

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