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" राम-राम " - © कामिनी मोहन पाण्डेय।

Kamini MohanKamini Mohan March 29, 2022
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'राम' सभी प्राणियों के हृदय में निवास करते हैं, इसलिए वे 'राम' है। भक्त उनमें ध्यानावस्थित होकर निवास करते हैं, इसलिए भक्त भी 'राम' हैं। सब राममय "राम-राम" है।

- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

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