प्रेम अपनी संपूर्णता में -© कामिनी मोहन।'s image
Poetry1 min read

प्रेम अपनी संपूर्णता में -© कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan July 13, 2022
Share0 Bookmarks 64 Reads1 Likes
प्रेम अपनी संपूर्णता में
स्व-भाव है…
सत्, रज् , तम् से परे
विस्तृत प्रतिपल हैं—
हम सबका एकमात्र
प्रिय हृदय तल है।
-© कामिनी मोहन पाण्डेय 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts