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कविता की यात्रा-© कामिनी मोहन पाण्डेय।

Kamini MohanKamini Mohan March 25, 2022
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कविता  की  यात्रा  हर  ज़ेहन  में  है  हर कहीं,
उद्देश्य  में  प्रेम  की  तलाश  दबी  है  हर कहीं।
न  ढूढ़ो  आस-पास  है   इसकी   उड़ान  यारो
कविता की तितली उड़ रहीं हर घड़ी हर कहीं।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

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