कविता हमेशा ही - © कामिनी मोहन पाण्डेय।'s image
Poetry1 min read

कविता हमेशा ही - © कामिनी मोहन पाण्डेय।

Kamini MohanKamini Mohan April 28, 2022
Share0 Bookmarks 117 Reads1 Likes
कविता हमेशा ही भाषा और अभिव्यक्ति को लेकर मानवीय होती जाती है। यह मानवीयता प्रेमपूर्ण, सचेत और गंभीर है।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts