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"बोलना चाहिए" - कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan May 18, 2022
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"बोलना चाहिए"
 
मैंने यह सीखा कि
शब्द के साए में 
मुझे रहना चाहिए। 

मुझे उसका साथ 
कभी नहीं छोड़ना चाहिए। 

वाणी पर चुप को लिखकर 
चुप का साया नहीं ओढ़ना चाहिए। 

क्योंकि, 
मौन भले हो शब्द 
पर उन्हें भी तेज़ आवाज़ में, 

हाँ, हाँ 
मैं मौन हूँ!
मैं भी शब्द हूँ!
मैं बोल सकता हूँ!
बोलना चाहिए।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

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