बीते समय में रहा होगा और 
कल फिर होगा - © कामिनी मोहन।'s image
Poetry1 min read

बीते समय में रहा होगा और कल फिर होगा - © कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan May 9, 2022
Share0 Bookmarks 59 Reads1 Likes
बीते समय में रहा होगा और
कल फिर होगा  के संयोग में
सुनिश्चितता का गहरा भाव है।
कविता इस मामले में
सदा ही असंदिग्ध है।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts