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भाषा- -© कामिनी मोहन पाण्डेय।

Kamini MohanKamini Mohan March 29, 2022
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जिस भाषा में संवेदना का दृश्य प्रकट होता है। भाषा का रूप वही होता है और समाज उसे स्वीकार करता है। 
-© कामिनी मोहन पाण्डेय।

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