177.सागर रेगिस्तान में बदल सकता है
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177.सागर रेगिस्तान में बदल सकता है - © कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan October 5, 2022
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सागर रेगिस्तान में बदल सकता है
और रेगिस्तान सागर में।

बर्फ़ पानी में
और पानी बर्फ़ में।

पानी में आग लग सकती है
और पानी आग बुझा सकती है।

दिन में रात
रात में दिन हो सकता है।

लेकिन,
हम जो हैं हम वही रहते हैं
हम एहसास के ख़ज़ाने हैं

अभाव से दूर
सदैव भरे रहते हैं।

वसंत की पहली कली के जैसे
सदा निर्दोष, बेदाग
प्रेममय प्रस्फुटन से धड़कते हुए
निश्छल, निर्विकल्प, निर्विशेष
अद्भुत, अद्वितीय पर अद्वैत।

अलग होकर भी
हमेशा, हमेशा, हमेशा
बिल्कुल एक रहते हैं।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

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