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196. लड़ना पड़ता है- © कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan November 25, 2022
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यह दुखदाई है कि 

जीने के लिए काफ़ी संघर्ष करना पड़ता है 

आत्म जब तक है तभी तक चलना पड़ता है।

कौन मर गया है 

कौन चला गया है 

समझना पड़ता है। 


जब तक है तब तक हर दिन

नए मंच पर नए व्यक्ति को 

खड़ा होना पड़ता है।

कुछ खो गया है जिसकी तलाश है

तलाश के लिए लड़ना पड़ता है। 


चाहे यह निराशाजनक हो 

या कि थका देने वाला हो।

आक्रोश, हिंसा का चित्रण या

मौत का उल्लेख करने वाला हो। 


ट्रोल हो रहे हैं तो सक्रियतावाद को 

मारने की कोशिश करना पड़ता है।

लेकिन यह मरता नहीं है

चेतावनियों को जीवित रखने की 

कोशिश में लड़ना पड़ता है। 


कुछ दूरी कुछ नज़दीकी रखकर ही

क्षितिज के पार तक चलना पड़ता है।

कुछ धूल माथे की लकीरों में भरना पड़ता है।

चाहे जितना हो वजन

हवा को लिफ़ाफ़े में भरकर 

डॉक से भेजना ही पड़ता है।

- © कामिनी मोहन पाण्डेय।


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