Love's image

लम्हा सा वक्त जीता है,जीतना एक दौर है

कश्तियों पर सवार हुए है पहुँचना उस छोर है


कभी ख़ुशी कभी ग़म है,जिंदगानी अभी ओर है

शीर्षक को समझो जानां कहानी ओर है


चारो ओर तेरी जुल्फों का शोर है

जैसे सावन में पंख फैलाएँ मोर है


यूँ तो हजारों चेहरे इस ओर है,

पर तूँ जो दीदार दे बात ओर है


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