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सपनों की ओर ...

JyotiJyoti January 25, 2023
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आज एक कदम बढ़ाया है अपने सपनों की ओर
डर है थोड़ा की रास्तों में ना जाने आयेंगे कितने मोड़
इतनी आसानी से तो नही मिल जाती मंजिल हर किसी को 
गिरना , चढ़ना , संभलना मुझे भी है 
बस कस के रखनी हैं अपने हिम्मत की डोर
आज एक कदम बढ़ाया हैं अपने सपनों की ओर 

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