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शब्द तुम्हारे कुछ कुछ इशारे करती हैं।

Pragati JunejaPragati Juneja December 13, 2022
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क्या था उस खत में; जो नहीं था पढ़ा, मैंने अब तक
शब्द तुम्हारे कुछ कुछ इशारे करती हैं
ये प्यार बहुत खास है या फिर खास बस एक तू है

हो सके तो ज़रा महसूस कर लेना, 

बेख्याली के लम्हों में, जब दिल शरारत करते हैं
थाम कर ये हाथ; चल इश्क़ की मंज़िल पार कर लेते हैं। 

Pragati Juneja

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