एक किसान's image
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रह जाती है बंजर भूमि कभी
कभी सूखा पड़ता है यहां,
गिरते ही सोने 
जैसे एक बूंद आसमानी 
छा जाती है हरियाली ,
पसीने से सीचता भूमि
जी तोड़ मेहनत करता है किसान ,
कुदरत का करिश्मा कहे इसे
या मेहनत किसान की ,
वर्णन कैसे करूं 
किसान के पसीने का
मुझे समझ इतनी है
बस सार्थक जीवन है 
एक किसान का ।

© जीतेन्द्र मीना , गुरदह
करौली ( राजस्थान )

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