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Kumar VishwasPoetry1 min read

क़ैद में रहकर भला

Jitendra SinghJitendra Singh March 29, 2022
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क़ैद में रहकर भला

कौन सुकून से जी पाया है

उड़ने को जब चाहा तुमने खुला आसमान

तो फ़िर दिल क्यों ज़मीन से लगाया है?


~Jeet

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