कब तक's image
Share0 Bookmarks 81 Reads1 Likes



कब तक दिल की आवाज़ को दबा के रख़ोगे

एक न एक रोज़ अश्कों का झरना छूट जाना है,

कब तक रोकोग़े खुद को मेरे पास आने से

आख़िर में तुम्हें मुझ में ही तो मिल जाना है,

लिखा है खुदा ने मुझे तुम्हारा ही सदा के लिए

तुम्हें सिर्फ़ एक कदम ही तो आगे बढ़ाना है,

आख़िर है क्युँ परवाह तुम्हें इसकी उसकी,

शुरुआत से ही तमाशबीन रहा ये ज़माना है!!


~Jeet

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts