एक जरिया's image
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कुछ पल तो दो कि जजबातों के उबाल को संवार लें,

दिन भी ढल चला अब तो हम खुद को थोड़ा और निखर लें,

खोये है इन बेहिसाब ख्वाहिशों के अथाह दरिया में,

एक जरिया तो दो हम भी अपने ख्वाबों को ज़िन्दगी में उतार लें!!!





:-जीत राठौड़

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