अश्रुधारा कहीं रूप तूफ़ान ना ले ले॥'s image
hindi pakhwadaPoetry1 min read

अश्रुधारा कहीं रूप तूफ़ान ना ले ले॥

Jitendra SinghJitendra Singh December 25, 2021
Share0 Bookmarks 23 Reads0 Likes

तेरी आवाज़ सुनने को तरसते रहते है,

पलकें तेरे ही इंतज़ार में दरिया हो रही,

एक सुकून का कतरा तो दे जा आके एक दफ़ा,

बिन तेरे ये धड़कन भी अब बेजान हो रही ॥

 

मौसम भी अब तो अपनी करवट बदल चुका,

पर ये सर्द रातें अब भी मेरी सुनसान हो रही,

जिन अधरों ने सुनाई कभी लोरियाँ मुझे,

आज वो ज़ुबान भी बेवजह मौन हो रही॥

 

सहसा बदल सा गया है तुझमें सब कुछ,

बेअदब सी तेरी ये रुसवाई कही जान ना ले ले,

ग़र तेरा ये बरताव रहा इस कदर ही मुझसे,

डर, अश्रुधारा कहीं रूप तूफ़ान ना ले ले॥


~ Jeet


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts