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पीला दुपट्टा तुम्हारा

क्षितिजाक्षितिजा December 14, 2021
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शिशिर की रात,
शीत धवल चांद,
नदी की लहरों में बहता 
मंदिर के दिए का
एकवर्णिय प्रकाश ।
तुम्हारी वो -
लहरों सी लटे
हरी-गुलाबी बाते
जुगनू सी चमकती आंखे
वो मुलाकातें
मैंने सब सहेंज कर कर रखा है
वह चांद, वह रात,
वह हवा, वह चेहरा
और
वह पीला दुपट्टा तुम्हारा।

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