जो गुजर गया...'s image
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अब ढूंढो चाहे उसे चराग लेकर,
जो गुजर गया, वह वापस नहीं आता।

पथ पर बन गए है जो निशां,
उन्हें समेटने से पथिक लौट नहीं आता।

सजदे में खुदा से दुआ न कर,
भीगे नैनों से पिघलकर आसमां टूट नहीं जाता।

तेरी पीड़ा केवल जान सके वहीं,
जिसने रिस-रिस कर पत्थर में घर बनाया।

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