ख़्वाब ।'s image
Share0 Bookmarks 21 Reads1 Likes

ख़्वाब


आजमाते रही हूँ , पर टूटी नही

रुकी जरूर हूँ  , पर भूली नही

ऐ मेरे ख़्वाब ....

तु दूर है, पर मुझमें भी हौसला है

तु कठिन है, पर मुझमें भी तेरी प्यास है

ऐ मेरे ख़्वाब ....

तु मेरी किस्मत मैं है या नही

लेकिन में तुझे आजमाना चाहती हूँ 

ऐ मेरे ख़्वाब ....

तु तो ख्वाहिश का सवेरा बन बैठा है

उजाला तो चांदनी रात का भी है

लेकिन जो बात सवेरे की है ,वो चांदनी कहा

ऐ मेरे ख़्वाब .....

हाँ ...

 तु मशहूर है, तुझे भी फितूर है

 वक्त से , तु भी मजबूर है

लेकिन इस जिदंगी को गुरूर है

जीने का नही, दिखावटी का

ऐ मेरे ख़्वाब.....

सोच को ताकत बना दे

इन राहो को लम्हे बना दे

ख्वाहिशो को सच बना दे

ऐ मेरे ख़्वाब......

हम इंसान को इंसानियत सीखा दे

ऐ मेरे ख़्वाब ।

                          - JAIश्री

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts