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क्या ईश्वर है?

jayant sharmajayant sharma December 30, 2021
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क्या ईश्वर है?

अगर है तो उसे क्यों चाहिए की कोई उसकी उपासना करे?

हमारी उपासना ही उसको ईश्वरत्व देती है तो उससे क्या उम्मीद करें?


क्या उसने सृष्टि का सृजन किया है? 

अगर किया है तो इसका पालन क्यों नहीं करता?


अगर करता तो यह जगत किसी ठोस नियम के अनुसार चलता।

बुरे के साथ हमेशा बुरा ही होता।

मगर ऐसा कहां है होता?


क्यों उस तक नही पहुंचती भूखों की खामोश पुकार?

क्यों नहीं वो रोकता जब होता है किसी असहाय निर्बल पर वार?


क्यों कोई अबला रोज अपमान का घूंट पीती है?

खुद का ही जीवन क्यों औरो की मर्ज़ी से जीती है?


क्यों वह धर्म के ठेकेदारों द्वारा किया शोषण नहीं रोकता?

क्यों जाति, रंग, नस्ल पर भेद करने वालो को नहीं टोकता?


क्यों बने है उसके नाम पर मंदिर, मस्जिद, गिरजे गुरुद्वारे?

क्या कोई यहां मत्था टेक ले तो धुल जाते हैं पाप सारे?


क्यों उसके नाम पर कोई किसी की जान लेता है?

जब वह सब है देखता तो कैसे चुप रह लेता है?


क्यों बेज़ुबान जीव रोज यूं ही मारे जाते हैं?

या वो उसके इस जगत का हिस्सा नहीं माने जाते हैं?


डर अक्सर अनजान का ही होता है, शायद इसीलिए सब उससे डरते हैं।

उसे क्या लगता है क्यों आंख मूंद माला जपते है, मंतर पढ़ते हैं?


लोग उसे परम पिता कहते हैं, मगर पिता तो ऐसा नहीं होता।

उसकी दुनिया जले, बच्चे उसके लड़ मरे और वो रहे यूं ही सोता?


जिसे सब इस सृष्टि का रचैता कहते हैं उसका रचनाकार कौन है?

क्या वो बस एक कोरी कल्पना है, अगर नहीं तो क्यों मौन है?

अगर नहीं तो क्यों मौन है?



जयंत शर्मा

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