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संघर्ष से संघर्ष

jai shree Sainijai shree Saini October 5, 2021
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संघर्ष से संघर्ष 



रुको नहीं तुम जरी रखो ,संघर्ष से संघर्ष करना ,


बहुत निकट आ खड़े हुए हो ,अब चंद पग ही है चलना ,


थोडा धुंधल कुहासा है ,थोडा शख्त पवनो का बहना ,


बस रवि प्रताप आते ही ,प्रकाशित होगा सुन्दर सपना ,


कुछ और शर्वरी में जलकर सायक, कर दो खुशियाँ अर्पण ,


बस होते ही भोर मिलेगा वापस खुशियों का वो दर्पण ,


समस्याएं मूल चुनौती है ,दूर नहीं इनसे भगना ,


बहुत निकट आ खड़े हुए हो, अब चंद पग ही है चलना ,




एक हार से कुंठित होकर शांत नहीं बैठा करते ,


कई चोट सहकर ही पत्थर भी भगवान बना करते ,


हार मानने वालो को कभी शूरवीर नहीं कहते ,


कर्मभूमि में संघर्षरत नर अक्सर इतिहास है रचते ,


असफताओं के अग्निकुंड में कुछ और नींदों की आहुति देना ,


बहुत निकट आ खड़े हुए हो , अब चंद पग ही है चलना ,


जय श्री सैनी ‘सायक ‘

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