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संजय दत (जन्मदिन)

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH July 29, 2022
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दिन है आज बड़ा खास।

क्योंकि जन्मदिन है बॉलीवुड अदाकार संजय दत्त का आज।

चलो फिर करवाते है इनके बारे में कुछ लिखवाने की शुरुवात।


मां नरगिस और पिता इनके थे सुनील दत्त।

दोनों ही अपने जमाने के सुपर स्टार थे इस बात में कोई नहीं था शक।


संजय दत्त को पहली फिल्म रेशमा और शेरा मिली थी।लेकिन असली पहचान इन्हें फिल्म रॉकी से मिली थी।


लेकिन फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही मां नरगिस का इस दुनिया से चले जाना।

पूरे परिवार का टूट के बिखर जाना।

संजय दत्त को नशे की लत लग जाना।


खुद के ही एक दोस्त ने संजय दत को नशा करने पर लगा देना ।

जिसके बाद संजय दत को इलाज़ के लिऐ पिता सुनील दत्त ने विदेश भेज देना।


जब डॉक्टरों ने इनसे पूछा कौन कौन सा किया है आपने नशा।

तब संजय दत्त ने कहा था ऐसा कोई नशा नहीं बचा जो मैंने ना हो चखा।


डॉक्टर ये बात सुनके हो गये थे हैरान।

जिंदा कैसे है अब तक ये इंसान। 


काफ़ी देर तक चला संजय दत का इलाज़।

किया था संजय दत्त ने फिर फिल्मों में कम बैक।


लेकिन तभी इनसे हुआ बहुत बड़ा अपराध।

मुंबई बम बलास्ट में आ गया इनका नाम।


आतंकवादियों की मदद करना और कई गैर कानूनी हथियार अपने घर पे रखने का लगा था इनपे इल्ज़ाम।टाडा के तहत किया पुलिस ने इन्हें गिरफ़्तार।


पिता सुनील दत्त ने दिया था उस वक्त भी बहुत साथ।सुनील दत्त भागते रहे इनके लिऐ दिन रात।

कई बार किये संजय दत्त ने गलत काम।


पिता सुनील दत्त ने हर बार इन्हें समझाया।

जवानी थी नई नई उस वक्त संजय दत्त को कुछ भी समझ ना आया।


आतंकवादियो का साथ देने का दाग लोगों ने पूरे परिवार पे लगाया।

जेल का वो ऐक ऐक दिन संजय दत्त ने बड़ी मुश्किल हालातों में बिताया।

दोस्त परेश (कमलेश) जो चला गया था इन्हें छोड़ के वो फिर से इनकी ज़िंदगी में वापिस आया।



संजय दत्त का जमानत पे जेल से बाहर आना।

जेल से बाहर आकर फिल्मों में काम ना इन्हें मिल पाना।


संजय दत्त को इस केस में 2016को सजा पूरी होने पे रिहा किया।

उसके बाद संजय दत्त ने सारा ध्यान अपनी फिल्मों पे लगा दिया। 


ऐक से बढ़कर रोल संजय दत ने किया।

संजय दत के दिल में जो आया वो हमेशा इन्होंने किया ।


शराब सिगरेट के बिना नही संजय दत्त रहते।

जो दिल में आये इनके बात ये वो बात खुलके कहते।


अगस्त महीने में इनको कैंसर के बारे में पता लगा।

तब से इनका इलाज़ कभी देश तो कभी विदेश में चला।


दोनों बहनों का भी हर मोड़ पे पूरा साथ मिला।

अभी भी कैंसर से जंग जारी है।


मां आपकी याद हमें आज भी बहुत आ रही है

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