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मां की यादें दिन गुज़र जाता है काम करते हुऐ गुजरती नहीं है रातें

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH March 12, 2022
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सारा दिन निकल गया अब रात हो गई ।

बहुत बांध के रखा था खुद को लेकिन मां आई आपकी हद से ज्यादा याद ना चाहते हुऐ भी इन आंखों से बरसात हो गई ।

 हमारी मां पता नहीं कौन सी दुनियां में खो गई ✍️

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