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लता मंगेशकर जी जैसा कोई नहीं

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH September 28, 2022
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संगीत जिनकी नस नस में था समाया ।

इसी साल 6फरवरी के दिन हमारे देश ने संगीत की देवी कहे जाने वाली लता मंगेशकर जी को प्रभु अपने पास बुलाया ।


एक से बढ़कर एक लता मंगेशकर जी ने सुरीला गाना गाया।

कोशिश तो बहुत लोगों ने की लेकिन लता जी जैसे कभी कोई गीत गा ना पाया।


आज भी लता मंगेशकर जी की याद है आती ।

देखते है प्रभु,नीलू दीदी की दी हुई कलम आज अपने बेटे सनी से क्या लिखवाती ।


सिर्फ़ 5साल की उम्र में लता जी संगीत सीखने लगी थी।

क्योंकि संगीत की विदया इन्हें अपने पिता जी से मिली थी।


सिर्फ़ एक दिन के लिए ही लता जी स्कूल जा पाई।

क्योंकि एक टीचर की कही बात इन्होंने अपने दिल पे लगाई।


लेकिन फिर भी इनकी गायकी ने इन्हें एक से बड़ी एक उपलब्धि दिलाई।

13साल की थी लता मंगेशकर जी जब इनके पिता ने अपनी जान गवाई।


पिता के जाने के बाद पिता के दोस्त मास्टर विनायक ने पूरी ईमानदारी से अपनी दोस्ती निभाई।

हर संभव मदद लता जी के परिवार की विनायक जी ने करके दिखाई।

जिनकी मदद से ही लता जी इस मुकाम पे पहुंच पाई।


वैसे तो लता जी की 3और है बहनें।

तीनों बहनें इतना सुरीला गाती है क्या है इनके कहने।


बड़े से बड़ा अवॉर्ड लता जी को मिला।

वैसे तो इन्होंने मोहम्मद रफ़ी के साथ कई गाने गाये लेकिन एक बार उनके साथ भी हो गया था इनका किसी बात को लेकर गिला।

फिर कई साल लोगों को इनका एक साथ कोई भी गाना सुनने को नहीं मिला।


फिर नरगिस जी ने इनकी सुलाह करवाई थी।

उसके बाद ही लोगों को लता जी और मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ (दिल पुकारे) गीत में सुनने को मिल पाई थी।


थोड़ी सी शोहरत मिलने के बाद अक्सर लोगों में अकड़ आ जाती।

लेकिन सादगी लता जी की आज भी बरकरार है क्योंकि लता जी रिकॉर्डिंग करते वक्त चप्पल पहन के कभी नहीं थी गाती।


लता जी आप ने अपने चाहने वालों को बहुत कुछ दिया।32साल की उम्र में किसी अपने ने ही आपको पीने के लिए स्लो पॉइजन (ज़हर) तक दिया।


लता जी आप हमेशा अमर रहेंगी ।

कलम प्रभु,नीलू दीदी की पता नहीं क्या क्या लिखवाती रहेगी ✍️

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