Khudkushi aakhir kyu??'s image
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आज एक शक्श ने खुदकुशी कर ली।

सोचता तो होगा अब वो शक्श कैसी मैंने गलती कर ली।


जिस बीवी के साथ लिये थे फेरे ।

एक बार सोचना तो चाहिए था वो कैसे जियेगी अब बिन तेरे ।


उसके बेटे की मासूमियत देख के दिल टूट गया।

दोनों छोटी छोटी बेटियों और उस मासूम से हमेशा हमेशा के लिये पिता का साथ छूट गया।


कोई भी खवाईश अब बच्चों की कौन पूरी करेगा।

ऐसा ज़ख्म मिल गया परिवार को जो सारी ज़िन्दगी कभी नही भरेगा।

काश एक बार सोच तो लेता जब भी बेटियों की शादी होगी कन्यादान कौन करेगा।


सब लोग वहां पे बातें कर रहे थे।

के ये भाईसाहब पिछले काफ़ी लंबे समय से डिप्रेशन में चल रहे थे।


डिप्रेशन कई लोगों की ज़िन्दगी में बड़ा एहम रोल निभाता।

 खुदकुशी वो ही कर लेता जो कुछ दिल पे लगी बातों को दिमाग से निकाल नहीं पाता। 


बहुत कम लोग ही डिप्रेशन से बाहर निकल पाते।

कुछ लोग तो इस बीमारी की दवाई लंबे समय तक खाने के आदि हो जाते।


जो नहीं बर्दश कर पाते दिल पे लगी कोई बात वो ही इंसान फिर अपने परिवार वालों को रोता हुआ छोड़ के हमेशा हमेशा के लिये इस दुनियां से चले जाते।

कुछ कहते है जब भी हम ऐसा करने का सोच भी लेते तो घरवालों के चेहरे आंखों के सामने घूमने लग जाते।


ना लेन दारी हुई खत्म ।

ना देन दारी हुई खत्म।

कितना परेशान था वो शक्श जिसने करली अपनी ज़िन्दगी खत्म ।


उसकी बीवी और मासूम बच्चों का क्या था कसूर।

वो सब के सब तो थे बेकसूर ।



ज़ालिम है ये बड़ा ज़माना ।

पता नहीं अब कैसे उन बच्चों ने बिना बाप के अब जी के दिखाना।


देख के वो मासूम बच्चों को दिल कांपने लगा ।

मां के जाने वाला एक एक पल मुझे याद आने लगा।


नम आंखों से हुई उस शक्श की इस दुनियां से विदाई।

बेटियों की आंखें अपने पिता की चित्ता से एक पल के लिये भी हट ना पाई।


प्रभु,नीलू दीदी मां ये कैसी आपने अपने बेटे सनी से किसी की दर्द भरी हकीकत आधी रात को लिखवाई✍️

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