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कवाली किंग नुसरत फतेह अली खान साहब

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH August 16, 2022
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हर कवाली की जो थे शान।

बहुत ही सुरीली आवाज़ के मालिक नुसरत फतेह अली खान साहब की आज ही के दिन चली गई थी जान। 


कवाली गाने वाले तो कई आये। 

लेकिन नुसरत फतेह अली खान साहब की जगह कोई ना ले पाये।


पिता चाहते थे नुसरत साहब को डॉक्टर बनाना।

लेकिन इनकी कमाल की कला को इनके पिता ने एक दिन अच्छे से पहचाना।


जब एक बार (मुनावर अली खान)को पाकिस्तान पड़ा था जाना।

लेकिन अच्छा तबला बजाने वाला उन्हें ना मिल पाना।


तब नुसरत साहब के पिता जी ने मुनावर अली से अपने बेटे नुसरत को मिलवाना।

लेकिन उस वक्त नुसरत साहब को इतना मोटा देख के मुनावर साहब ने इनका मज़ाक उड़ाना।


ऐसा तबला बजाया नुसरत साहब ने की मुनावर खान को कहना पड़ा था कैसा है ये बच्चा जो आज मुझे हराने वाला। 

बहुत जल्दी ये पूरी दुनिया के लोगों के दिलों पे ये बच्चा राज करने वाला।


10,10घंटे नुसरत साहब ने रियाज़ करना।

आज भी लोगों का इनकी कव्वालियां सुनके 

मन नहीं भरना।


एक बार राजकपूर के कहने पे इनका हो सका था भारत आना।

शर्त इनकी ये थी की एक गाना मैंने लता मंगेशकर के साथ गाना।


(ऊपर खुदा आसमां नीचे) गाने को लोगों ने आज तक भूल ना पाना।

वैसे तो नुसरत साहब को गुज़रे हो गया है आज एक ज़माना।


हर तरह का नुसरत साहब ने गाना गाया ।

पूरी दुनियां ने नुसरत साहब को कव्वालियां का बादशाह बताया ।

 

किसी को प्यार हुआ वो भी नुसरत साहब के गानों को सुनता।

और जिसका दिल टूट जाये वो अपने दिल को समझाने के लिए इनकी कव्वाली को चुनता।


एक बार इनके गले में परेशानी आई।

डॉक्टरों ने एक बात अच्छी तरह से इन्हें समझाई।


ज्यादा ज़ोर गले पे ना लगाना।

लेकिन नुसरत साहब ने कहा था जब गाने बैठ जाते हूं याद नहीं रहता मुझे गले पर जोर कम या ज्यादा लगाना।

16अगस्त यानी आज ही के दिन पूरी दुनिया के लोगों पास कवाली किंग की मौत की खबर आना।


नुसरत साहब जैसा कोई ना बन पायेगा।

प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां के आशिर्वाद के बिना सनी कभी कुछ नहीं लिख पायेगा। ✍️

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