Happy Birthday shaheed udham Singh's image
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आज देश के उस शूरवीर बेटे का जन्मदिन आया।

जिसने इतिहास के पन्नों पे अपना नाम युगों युगों के लिये दर्ज़ था करवाया।

क्यों कोई नौजवान फिर कभी उधम सिंह या भगत सिंह जैसा ना बन पाया।


शहीद उधम सिंह तो आज भी है हमारे देश की शान।

चलो शहीद उधम जी की ज़िंदगी के बारे में कुछ बातें बताते है बेहद खास।


इनकी देश भक्ति की कहानी आप सब लोगों को सुनाते है।

दो साल की उम्र में पहले मां और 8साल की उम्र में इन्होंने अपने पिता को खोया सोच के ही आंखों में आंसू आते है।


इतने बड़े गम को उस वक्त पता नहीं कैसे उधम सिंह जी ने अपने दिल में दबाना।

सोच लिया था उस वक्त अपने देश के लिए कुछ करके दिखाना।


जलियांवाला बाग में इन्होंने लोगों को पानी पिलाने की सेवा निभाना।

लेकिन तभी माइकल ओ डायर ने अपनी फ़ौज को मासूम और हजारों निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाने का आदेश सुनाना।


जिससे वहां एक दम से भगदड़ मच जाना।

और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए कुएं में कूद जाना।


लेकिन हजारों लोगों ने फिर भी बच ना पाना।

इस घटना ने उधम सिंह के दिल पे ठेस पहुंचाना।

इस कांड का बदला लेने के लिए उधम सिंह जी ने लंदन पहुंच जाना।


फिर 13मार्च 1940को उदम सिंह जी ने माइकल ओ डायर पे कई गोलियां बरसाना।

उसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ़्तार करके लेके जाना।


4जून को उधम सिंह जी को माइकल ओ डायर की मौत का दोषी ठहराया जाना।

और फिर सन 1940 31जुलाई दिन इन्हें फांसी की सजा सुनाना।

लेकिन उधम सिंह जी ने अपनी ज़िंदगी में सीखा नहीं था कभी घबराना।


दुख होता है ये देखकर आज कल के मां बाप अपने बच्चो को उधम सिंह और भगत सिंह की बहादुरी के किस्से नहीं सुनाते।


जिन्होंने भरी जवानी में हम सबके लिये अपनी जान कुर्बान की थी ऐसे शूरवीरों को हम सब कैसे भूल जाते।



ये तो प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ही है जो अपने नादान बेटे सनी से रोज़ कुछ ना कुछ जरूर लिखवाते✍️

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