Happy Birthday Ratan Tata's image
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जन्मदिन आज सर रत्न टाटा जी का आया है ।

देखते है प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने मिलकर अपने बेटे सनी से क्या लिखवाया है।


बड़ी इज़्ज़त से लेते है लोग इनका नाम।

किये है इन्होंने अपनी ज़िन्दगी में कई बड़े बड़े काम।


इंसानियत और देश भगति की है ये ज़िंदा मिसाल।

हमारे देश का गौरव रत्न टाटा बड़े कमाल के है इंसान।


कुछ दिनों से इनके बारे में मैं पढ़ रहा था।

तब जाके इनकी ज़िन्दगी के बारे में बहुत कुछ पता चला था।


देश भगति सर रत्न टाटा जी में है बहुत ज्यादा।

अपनी बेशुमार दौलत का दिखावा करना इन्हें बिल्कुल नहीं है आता।


एक बार जो वादा करते।

उसे हर हाल में ये पूरा करते।


सारी ज़िन्दगी इन्होंने अकेले काट के दिखाई।

कंपनियां तो सर रत्न टाटा ने कई बड़ी बड़ी लगाई।


दिन रात की मेहनत के बाद ही तो इन्हें इतनी कामयाबी मिल पाई।

दुनियां की सबसे सस्ती कार नैनो भी इन्होंने ही बनाई।


दिल के रत्न टाटा जी है बहुत बड़े।

जब भी देश पे कोई मुश्किल आई रत्न टाटा जी हर बार अपने देश के साथ कंधे से कंधा मिला के हुऐ खड़े।


आज कल लोग सिर्फ़ अपने या अपनों के लिऐ पैसा कमाते।

लेकिन रत्न टाटा जी तो अपना आधे से ज्यादा पैसा तो गरीबों की भलाई के काम में लगाते।


अपने सारे इंपोलियस को काम पे रखते वक्त पता नहीं क्या सिखाते कौन सी कसम खिलाते।


जब हुआ ताज पे आतंकवादी हमला इनके इंपोलियस लोगों को बचाने के लिये अपनी जान देने से भी बिल्कुल नहीं घबराते।


सरकार ने तो इस हमले में घायल हुऐ लोगों को मुआवजा देने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई।


लेकिन अपने इंपोलियस और उनके परिवार की इतनी फिक्र थी सर रत्न टाटा जी को जो कुछ ही दिनों में उनके

परिवार को अपने हिसाब से बनती रकम देकर इन्होंने अपनी दरियादिली दिखाई।


जो मारे गये इनके इंपोलियस उनके बच्चों की पढ़ाई तो कई इंपोलियस के बच्चों की शादी तक की इन्होंने जिम्मेदारी तक उठाई।


कभी जिन्होंने इनकी और इनकी कंपनी की थी बेइज्जती(फोर्ड कंपनी वालों ने)।


ऐसा वक्त आया उस कंपनी पे जिन्होंने की थी बेइज्जती उन्होंने ही आकर अपनी कंपनी रत्न टाटा जी को ही बेच दी।


बड़े ऊंचे इनके विचार।

ये कहते जब करना हो कोई बड़ा कारोबार।

कभी मिलता है बहुत फ़ायदा।

कभी होता है बड़ा नुकसान।


लेकिन घबराने की नहीं कोई बात।

बस नियत साफ़ होनी चाहिए ऐक ना ऐक दिन सफ़ल होगे याद रखनी चाहिए इंसान को बस ये बात।


जब इनके ताज होटल पे आतंकवादियो ने हमला किया।

हिंदुस्तान की कई बड़ी कंपनियां और पाकिस्तान के ही 2बड़े लोगों ने रिपेयर के फार्म भरने का काम किया।


लेकिन किसी भी पाकिस्तानी को टेंडर देने से सर रत्न टाटा जी ने साफ़ मना किया।


उन पाकिस्तान के 2लोगों ने भारत के एक बहुत बड़े मंत्री से सर रत्न टाटा जी को फ़ोन भी करवाया।


लेकिन सर रत्न टाटा जी ने ये कहकर फ़ोन काट दिया तुम्हारे जैसे नेताओं की तरह मेरा ज़मीर कभी ना गिर पाया।


आज हमारे देश में ऐसे इंसान बहुत कम देखने को मिलते।

एक बार अगर रत्न टाटा जी किसी को मिलने के लिये कह दे तो फ्लाइट ✈️ छूट भी जाये इनकी मगर सर रत्न टाटा जी उनसे जरूर मिलते।


टाटा ग्रुप को इन्होंने और भी बड़ा बना दिया।

इनके पास जो भी लोग काम करते है रत्न टाटा जी ने उनको खूब पैसा, इज़्ज़त,और सम्मान दिया।


28 दिसंबर 2012 को अपने जन्मदिन वाले दिन ही टाटा समूह के सभी कार्यकारी जिम्मेदारी से सेवानिवृत्त होने का रत्न टाटा सर ने फैसला लिया।


सरकार और कई यूनिवर्सिटी वालों ने अक्सर सर रत्न टाटा जी को बड़े से बड़ा सम्मान देने का काम किया।


प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां से आशिर्वाद लेकर सनी ने कुछ शब्दों को आज रत्न टाटा जी के नाम किया।


सर रत्न टाटा से मिलना मेरे लिऐ नहीं है आसान।

प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने अपने बेटे सनी से लिखवा लिया मेरे लिये इससे बड़ा ना होगा कोई ईनाम ✍️

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