भगत सिंह,राजगुरु और सुखदेव जी की नमन's image
International Poetry DayPoetry2 min read

भगत सिंह,राजगुरु और सुखदेव जी की नमन

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH March 23, 2022
Share0 Bookmarks 15 Reads0 Likes

23साल की उम्र में जिन्होंने अपने दो और साथियों राजगुरु और सुखदेव जी के साथ देश के लिऐ पिया था शहादत का जाम।

अंग्रेजों से जिन्होंने कभी मानी ना थी कभी हार।


इनके दिल के अंदर लगी थी अंग्रेजो से आज़ादी लेने की आग।लाला लाजपत राय जी की मौत का बदला लेना दिल में लिया था इन्होंने ठान।


क्या करते है हम लोग उन महान इंसान भगत सिंह जी को और उनके साथी सुखदेव और राजगुरु को आज दिल से याद।


आज कल के बच्चो के पे चढ़ा है पबजी,फ्री फायर,फेसबुक, व्हाट्स अप,इंस्टा चलाने का बुखार।


आज कल के बच्चो को तो नहीं पता इनका इतिहास।

ना पढ़ते है इनके बारे में ना करते है आज कल के बच्चे इनकी कोई बात।


नेताओं को तो बस अपनी राजनीति करने के लिए आती है भगत सिंह,राजगुरु,और सुखदेव,जी की याद।

आज इस देश का देखो क्या हो गया हाल।


इन तीनों के जैसे क्रांतिकारी रोज़ नहीं लेते जन्म।

देश को अंग्रेजो से आज़ाद करवाने की खाई थी इन्होंने कसम।


5साल की मासूम सी उम्र में भगत सिंह बच्चो के साथ टोली बनाते थे।

युद्ध के सभी तरीके सिखते थे।


भगत सिंह लाला लाजपत राय और करतार सिंह सराभा को मानते थे अपना गुरु।

लाला लाजपत राय की मौत से अंग्रेजो से बदला लेने की कहानी हुई थी शुरू।


17दिसंबर को भगत सिंह ने सैंडरस को मारा।

जो सोचा था भगत सिंह जी ने अपना वो बदला पूरा कर डाला।


असेंबली में फेंके थे इन्होंने बम।

कहते थे हमें नहीं अपने किये हुऐ किसी काम का कोई गम।


खुद हो गये थे ये तीनों गिरफ्तार।

ऐसे थे भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव महान इंसान ।


सनी खुद कुछ नहीं लिखता प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां मिलकर लिखवाते है अपने बेटे सनी से हर बार✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts