वादा क के प्यार के || भोजपुरी रचना || एम ए हबीब इस्लामपुरी || Arman islampuri's image
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वादा क के प्यार के || भोजपुरी रचना || एम ए हबीब इस्लामपुरी || Arman islampuri

एम ए हबीब इस्लामपुरीएम ए हबीब इस्लामपुरी March 8, 2022
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वादा क के प्यार के भुला तू हुं गईलू।
प्यार कइलू न करे दिहलू जीयते मुवइलू।

जान जाना जाने जां जान से भी बढ़ के।
तोहरा के मनले रहनी चांद से भी बढ़ के।
लगल रहे देहियां में अगिया प्रेम के,
बुझईलू त ना तू जला और दिहलू।

वादा क के प्यार के भुला तु हुं गईलू।
प्यार कइलू न करे दिहलू जीयते मुवइलू।

बुझवला से बुझे ना ई अगिया प्रेम क।
छुपवला से छुपे ना ई रोगवा प्रेम क।
मिलाके नजरिया बिजलीया गीरा के,
करेजवा के हमरा कहीं क ना छोड़ लू।

वादा क के प्यार के भुला तु हुं गईलू।
प्यार कइलू न करे दिहलू जीयते मुवइलू।

घुट घुट के जीय तानी तोहरा जुदाई में।
जुदाई के पीय तानी जहरिया जवानी में,
हम के आपन बना के छोड़ काहे दिहलू।
छोड़ही के रहे जब काहे दिलवा लगईलू।

वादा क के प्यार के भुला तु हुं गईलू।
प्यार काइलू न करे दिहलू जीयते मुवइलू।

अब त करब हम खुदा से शिकायत।
काहें के बनवला तू ई बनावट।
खुदा के बनावट पे हसत खेलत रहलू,
खिलौना जैसे खेल के दिलवा तोड़ गईलू।

वादा क के प्यार के भुला तु हुं गईलू।
प्यार काइलू न करे दिहलू जीयते मुवइलू।

गिन गिन के कटे अब एक एक रतिया।
इतना सतावे तोहर एक एक बतिया।
रानी इहे बता द बस अमित-अरमान के,
भूल का भइल हमसे भूल हमके गइलू।

वादा क के प्यार के भुला तु हुं गईलू।
प्यार कइलू न करे दिहलू जीयते मुवइलू।


✍एम ए हबीब इस्लामपुरी

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