मानवता का हनन's image
Poetry1 min read

मानवता का हनन

Ishika guptaIshika gupta September 12, 2021
Share0 Bookmarks 127 Reads0 Likes

मानवता का हनन


कई दूर से चली आंधी ने

ना जाने कितनो पर धूल जमा दी,

एक मासूम के अंश मे

ना जाने कोन से राक्षस को बिठा गई ,

हर चीज़ को खिलौना समझने वाले

अब इंसानों का भी मोल लगाने लगे,

वो हर दर्द से परे अपनी ज़िद पूरी करने लगे

वो यूंही मानवता का हनन करने लगे ,

लोगो की मौत से खेलना

उनका पसंदीदा खेल बन गया ,

लड़कियों की इज़्ज़त उशलना

उनकी आयाशी बन गया,

जानवरो को सताना

उनका शौक बन गया,

वो अपनी सोच मे घमंड करने वाले

ना जाने कौनसे भ्रम मे बेठे है,

वो मानवता का हनन करने वाले

भगवान की शक्ति को भूल बेठे है,

वो अपने लक्ष्य को कभी जीत नही पाएंगे

क्योंकि मानवता के रक्षक अपना हाथ बढ़ाएंगे ।

~Ishika gupta


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts