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कृष्णा , म्हारा कान्हा ‌

Ishika guptaIshika gupta September 1, 2021
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बांसुरी की आवाज से गोपियों को रिझावे,

माखन खाने हेतू वे चोर भी बन जावे,

सर पर उसके मोर का पंख सजे,

नटखट इतनों की हमसे नृत्य करावे ,

पर म्हारा चितचोर म्हारा मन रिझावे‌,

प्यार से उसको कान्हा बुलावे ।


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