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न पाल तू कोई भरम

कटेंगे दिन नरम-गरम।


जिसे न देखा न मिले

उसे ही पूजते हैं हम।


नए सफ़र की इब्तिदा

जहां पे ये सफ़र ख़तम।


है जिंदगी की  उम्र क्या,

अभी शुरू, अभी खतम।


अलग -अलग हैं रास्ते,

है सबका एक ही सनम।



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