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कुछ कह नही सकते

Nek Dil BandaNek Dil Banda January 18, 2022
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अनजान रास्तों पे कितने प्रयोग करने पड़ते हैं, कितनो से निराशा हाथ लगती है,ये टूटना ,बिखरना अपनी हार का ठीकरा हम कहां पीटें..
     हम बस चल सकते हैं, कुछ कह नही सकते,
मिली हार तो और रास्ते चुन लेंगे...क्या? करेंगें कुछ और नाम चुन लेंगे
    हम बस चल सकते हैं ,कुछ कह नही सकते..

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