तेरी मिट्टी मे मिल जावाँ geet| तेरी मिट्टी Teri Mitti geet in Hindi  | Hindwi's image
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तेरी मिट्टी मे मिल जावाँ geet| तेरी मिट्टी Teri Mitti geet in Hindi | Hindwi

HindwiHindwi May 24, 2022
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तेरी मिट्टी मे मिल जावाँ

गुल बनके मैं खिल जावाँ

इतनी सी है दिल की आरज़ू


तेरी नदियों मे बह जावाँ

तेरे खेतों मे लहरावाँ

इतनी सी है दिल की आरज़ू

तलवारों पे सर वार दिए 

अंगारों में जिस्म जलाया है 

तब जाके कहीं हमने सर पे 

ये केसरी रंग सजाया है 

ऐ मेरी जमीं अफसोस नहीं 

जो तेरे लिए सौ दर्द सहे 

महफूज रहे तेरी आन सदा 

चाहे जान ये मेरी रहे न रहे 


हाँ मेरी जमीं महबूब मेरी 

मेरी नस नस में तेरा इश्क बहे 

फीका ना पड़े कभी रंग तेरा 

जिस्म से निकल के खून कहे 

तेरी मिट्टी में मिल जावां 

गुल बनके मैं खिल जावां 

इतनी सी है दिल की आरजू 

तेरी नदियों में बह जावां 

तेरे खेतों में लहरावां 

इतनी सी है दिल की आरजू 

ओ.. ओ.. ओओओ..

सरसों से भरे खलिहान मेरे 

जहाँ झूम के भांगड़ा पा न सका 

आबाद रहे वो गाँव मेरा 

जहाँ लौट के वापस जा न सका 

ओ वतना वे मेरे वतना वे 

तेरा मेरा प्यार निराला था 

कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पे 

मैं कितना नसीबों वाला था 


तेरी मिट्टी में मिल जावां 

गुल बनके मैं खिल जावां 

इतनी सी है दिल की आरजू 

तेरी नदियों में बह जावां 

तेरे खेतों में लहरावां 

इतनी सी है दिल की आरजू 

ओ हीर मेरी तू हंसती रहे 

तेरी आँख घड़ी भर नम ना हो 

मैं मरता था जिस मुखड़े पे 

कभी उसका उजाला कम ना हो 

ओ माई मेरे क्या फिकर तुझे 

क्यूँ आँख से दरिया बहता है 

तू कहती थी तेरा चाँद हूँ मैं 

और चाँद हमेशा रहता है 

तेरी मिट्टी में मिल जावां 

गुल बनके मैं खिल जावां 

इतनी सी है दिल की आरजू 

तेरी नदियों में बह जावां 

तेरे फसलों में लहरावां 

इतनी सी है दिल की आरजू


Talwaron Pe Sar Waar Diye 

Angaaron Mein Jism Jalaya Hai

Tab Jaake Kahin Humne Sar Pe

Yeh Kesari Rang Sajaya Hai

Ae Meri Zameen Afsos Nahin

Jo Tere Liye Sau Dard Sahe

Mahfooz Rahe Teri Aan Sada

Chahe Jaan Meri Rahe Na Rahe

Haan Meri Zameen Mehboob Meri

Meri Nas Nas Mein Tera Ishq Bahe

Pheeka Na Pade Kabhi Rang Tera

Jismon Se Nikal Ke Khoon Kahe

Teri Mitti Mein Mil Jaawan

Gul Banke Main Khil Jaawan

Itni Si Hai Dil Ki Aarzu

Teri Nadiyon Mein Beh Jaawan

Tere Kheton Mein Lahraawan

Itni Si Hai Dil Ki Aarzu

O.. O.. Ooo..

Sarson Se Bhare Khalihaan Mere

Jahan Jhoom Ke Bhangada Pa Na Saka

Aabad Rahe Woh Gaon Mera

Jahan Laut Ke Vaapas Jaa Na Saka

O Watana Ve Mere Watana Ve

Tera Mera Pyar Nirala Tha

Kurbaan Hua Teri Asmat Pe

Main Kitna Naseebon Wala Tha

Teri Mitti Mein Mil Jaawan

Gul Banke Main Khil Jaawan

Itni Si Hai Dil Ki Aarzu

Teri Nadiyon Mein Beh Jaawan

Tere Kheton Mein Lahraawan

Itni Si Hai Dil Ki Aarzu

O Heer Meri Tu Hansti Rahe

Teri Aankh Ghadi Bhar Nam Na Ho

Main Marta Tha Jis Mukhde Pe

Kabhi Uska Ujala Kam Na Ho

O Maai Meri Kya Fikar Tujhe

Kyun Aankh Se Dariya Bahta Hai

Tu Kehti Thi Tera Chand Hoon Main

Aur Chand Hamesha Rahta Hai

Teri Mitti Mein Mil Jaawan

Gul Banke Main Khil Jaawan

Itni Si Hai Dil Ki Aarzu

Teri Nadiyon Mein Beh Jaawan

Tere Phaslon Mein Lahraawan

Itni Si Hai Dil Ki Aarzu

Hindwi



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